दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र आज से, हंगामे के आसार

शुक्रवार से शुरू हो रहे दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र हंगामेदार होने के आसार है। सत्ता पक्ष ने राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (एनपीआर) और कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया है। 


वहीं, विपक्ष दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा कराने की तैयारी में है। ऐसे में जहां दिल्ली सरकार केंद्र की नीतियों को कठघरे में खड़ा करेगी तो विपक्ष एकजुटता के साथ इसके समर्थन में अपना पक्ष रखने की तैयारी में है। लिहाजा सत्र हंगामेदार होने की संभावना है। क्योंकि सत्ता पक्ष एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ  एक प्रस्ताव ला सकता है।  

भाजपा विशेष सत्र में सरकार को पूरी तरह घेरने की तैयारी में है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने साफ किया है कि सीएए और एनआरसी को लेकर आम आदमी पार्टी झूठा प्रचार कर रही है। 

सदन में दिल्ली की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। पर्यावरण, परिवहन व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल के मुद्दे पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से राजधानी में कोरोना को महामारी घोषित करने के साथ ही हम सबकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर इस महामारी का सामना करने की आवश्यकता है।


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दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि आईपीएल का एक भी मैच दिल्ली में नहीं होगा। सिसोदिया ने ये भी कहा कि सभी बड़े आयोजन, वार्ताएं और खेल आयोजनों पर अगले नोटिस तक दिल्ली में बैन लगाया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने तत्काल प्रभाव से दिल्ली के सभी सार्वजनिक स्विमिंग पूल 31 मार्च तक बंद करने का आदेश दिया है। इसकी घोषणा खुद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की जिनके साथ प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे। मनीष सिसोदिया ने कहा है कि हमने तय किया है कि दिल्ली में होने वाले आईपीएल मैच पर बैन लगाएंगे, जहां लोग हजारों की संख्या में जुटते हैं। कोरोना के खतरे को देखते हुए लोगों को इकट्ठा होने से रोकना जरूरी है। इससे पहले अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि सभी होटलों और अन्य संस्थाओं के स्विमिंग पूलों को भी बंद किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने गुरुवार को कोरोना वायरस को महामारी घोषित करते हुए सभी सिनेमा घर, स्कूल और कॉलेज 31 मार्च तक बंद कर दिये थे। हालांकि इनमें वे स्कूल शामिल नहीं हैं जहां परीक्षाएं हो रही हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आदेश जारी करते हुए कहा था, 'स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यालयों, निजी कोचिंग सेंटरों और ट्यूशन सेंटरों समेत सभी शिक्षण संस्थान 31 मार्च तक बंद रहेंगे। हालांकि वे संस्थान खुले रहेंगे जहां परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं।' जेएनयू कैंपस में सभी गतिविधियां 31 मार्च तक स्थगित कोरोना के खतरे को देखते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने फैसला लिया है कि कैंपस में होने वाले सभी लेक्चर, कक्षा में प्रस्तुति और परीक्षाएं 31 मार्च तक स्थगित रहेंगी। 31 मार्च तक कैंपस में होने वाले सभी तरह के सेमिनार, वार्ताएं और कार्यशाला स्थगित रहेंगे। जामिया में 31 मार्च तक सभी सामूहिक गतिविधियां स्थगित जेएनयू के साथ ही जामिया में भी सभी तरह के सामूहिक वाद-विवाद, कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। साथ ही एसेसमेंट क्लास ऑनलाइन होंगी और परीक्षाएं तय समय से होंगी। दिल्ली की अदालतों में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय को पत्र के जरिए भेजी याचिका में कोरोना वायरस को उसके परिसर तथा राष्ट्रीय राजधानी में सभी जिला अदालतों में फैलने से रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने का अनुरोध किया गया है। एक वकील मोहित कुमार गुप्ता द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 विषाणु अत्यधिक संक्रामक है और यह एक बार में एक से अधिक लोगों को संक्रमित कर सकता है जिसका अभी कोई टीका भी उपलब्ध नहीं है। अगर यह अदालतों में फैलता है तो 'आम आदमी के लिए न्यायिक व्यवस्था असल में पहुंच से बाहर हो जाएगी।’
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